Land Record प्रॉपर्टी ट्रांसफर
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1 सेल डीड:

Land Record यह प्रॉपर्टीट्रांसफर का सबसे प्रमुख तरीकाहै। इसे रजिस्ट्री (बयनामा) भीकहते हैं। जब एक व्यक्ति किसीदूसरे को प्रॉपर्टी बेचता है तोदोनों पक्षों के बीच सेल डीडहोती है। सब-रजिस्ट्रार ऑफिसमें सेल डीड को पंजीकृत करानापड़ता है। स्टाम्प ड्यूटी चुकानीहोती है। सेल डीड के बाद संपत्तिका मालिकाना हक नए मालिकको ट्रांसफर हो जाता है।

2 वसीयतः

कोई व्यक्तिअपनी मर्जी से अपनी चल औरअचल संपत्ति वसीयत के जरिएकिसी दूसरे व्यक्ति को सौंपसकता है। वसीयत करने वाले• व्यक्ति की मृत्यु के बाद संपत्तिका मालिकाना हक उस व्यक्तिको मिल जाता है, जिसके नामसे वसीयत की गई है। वसीयतयानी विल के जरिए मिलीप्रॉपर्टी पर स्टाम्प ड्यूटी नहींदेनी पड़ती है।

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3 गिफ्ट डीड Land Record :

आमतौर पर प्रॉपर्टी उपहार या दान में देने केलिए गिफ्ट डीड का इस्तेमाल किया जाता है। सामान्यतः गिफ्ट डीड मेंपैसों का लेनदेन नहीं होता है, सिर्फ स्टाम्प ड्यूटी चुकानी होती है औरपंजीकरण के बाद टाइटल यानी मालिकाना हक ट्रांसफर हो जाता है।

4 पावर ऑफ अटॉर्नी:

यह एक कानूनी दस्तावेज है जोकिसी व्यक्ति को प्रॉपर्टी मालिककी ओर से संपत्ति की देखरेख,वाद-विवाद, किराया और विशेषपरिस्थितियों में संपत्ति विक्रयका अधिकार प्रदान करता है।कई बार लोग पावर ऑफअटॉर्नी और कब्जा लेकर प्रॉपर्टीखरीद लेते हैं। पर पावर ऑफअटार्नी के जरिए मालिकाना हकमें बदलाव नहीं होता है। इसकेजरिए अचल संपत्ति की बिक्रीकानूनी तौर पर सही नहीं है।

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5 वाखिल-खारिज जरूरी :

प्रॉपर्टी ट्रांसफर के बाद दाखिल-खारिज जरूरी होता है। जब भीकोई संपत्ति बेची या दी जाती हैतो सरकारी रेकॉर्ड से एक• व्यक्ति का नाम हटा दूसरे कानाम शामिल करने की प्रक्रियादाखिल खारिज कहलाती है।लीज पर ली हुई संपत्ति इसके’दायरे से बाहर है। मुआवजे कीस्थिति में दाखिल खारिज कीकाफी अहम है। दाखिल-खारिजनहीं होने पर मुआवजा पुरानेमालिक को ही मिलेगा।

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